महाराष्ट्र चीनी उत्पादन में विश्व में तीसरे स्थान पर है ​-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे​​

प्रदेश में इस साल का ​गन्ना पेराई का सीजन 15 अक्टूबर से शुरू होगा​ ​-​सीएम एकनाथ शिंदे

Update: 2022-09-19 11:52 GMT

स्पेशल डेस्क, मैक्स महाराष्ट्र, मुंबई: राज्य का इस साल का गन्ना पेराई का सीजन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिस्तरीय समिति की बैठक में 15 अक्टूबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष गन्ना उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र को विश्व में तीसरे स्थान पर रहने के लिए बधाई दी। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार, बंदरगाह मंत्री दादाजी भुसे, सहकारिता मंत्री अतुल सावे, चीनी संघ के सदस्य और विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार, विधायक बालासाहेब पाटील, संघ अध्यक्ष जयप्रकाश दांडेगावकर, हर्ष सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुई बैठक में हर्वषर्धन प्रकाश आवड़े, श्रीराम शेटे, धनंजय महाडिक आदिउपस्थित थे। इस अवसर पर चीनी आयुक्त शेखर गायकवाड़ ने एक प्रस्तुति दी।



पिछले सीजन में करीब 200 चीनी मिलों ने चीनी मिलें ली हैं और किसानों को 42,650 करोड़ रुपये का एफआरपी दिया गया है। राज्य ने 98 फीसदी पर देश में सबसे ज्यादा एफआरपी का भुगतान किया है। बैठक में इस उपलब्धि के लिए चीनी आयुक्त शेखर गायकवाड़ को बधाई दी गयी। इस सीजन में गन्ने की खेती करीब 14 लाख 87 हजार हेक्टेयर है और राज्य में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ गया है। इस वर्ष गन्ने का औसत उत्पादन 95 टन प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है। इस सीजन में करीब 203 फैक्ट्रियां शुरू की जाएगी और अनुमान है कि इस साल 13.8 लाख टन चीनी का उत्पादन होगा। महाराष्ट्र ने पिछले सीजन में उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए 137.36 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन किया।


इस वर्ष चलनी का मौसम औसत 160 दिनों का रहने का अनुमान है और इस वर्ष गन्ने की छलनी के लिए 10.25 प्रतिशत मूल मूल्य का एफआरपी 3050 रुपये प्रति मीट्रिक टन होगा। इस समय देश में 60 लाख मीट्रिक टन चीनी का भंडार है और महाराष्ट्र में 30 लाख मीट्रिक टन चीनी है। इस वर्ष भारत से 100 लाख मीट्रिक टन चीनी का निर्यात होने का अनुमान है, जिसमें महाराष्ट्र का हिस्सा 60 लाख मीट्रिक टन है।




 


देश में इथेनॉल उत्पादन में महाराष्ट्र का 35 प्रतिशत हिस्सा है। प्रेजेंटेशन के दौरान कहा गया कि अगले साल 325 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन होगा। इस समय चीनी निर्यात के लिए खुले सामान्य लाइसेंस (ओपन जनरल लाइसेंस) के संबंध में पिछले वर्ष की नीति को बनाए रखने के संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर गन्ना कटाई के लिए मशीनीकरण, सहजीवियों के निर्माण करने वालों आदि पर जोर दिया गया।

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