Hathras: योगी सरकार की तानाशाही, पीड़ित परिवार का होगा Polygraphy Test

Update: 2020-10-03 05:35 GMT

उत्तरप्रदेश : हाथरस मामले में लगातार हो रही सरकार की फज़ीहत के बाद अब प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। शुक्रवार को सीएम योगी ने हाथरस के एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और कुछ अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

देश भर में हाथरस की बेटी के साथ हुई दरिंदगी, पुलिस द्वारा कार्रवाई में लेट लतीफी और अंतिम संस्कार में की गई जल्दबाज़ी जैसी हरकतों से नाराज़ सीएम योगी ने कार्रवाई करते हुए हाथरस के एसपी विक्रांत वीर (SP Vikrant Veer) सीओ राम शब्द (CO Ram Shabd), इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा (Inspector Dinesh Kumar Verma), एसआई जगवीर सिंह ( SI Jagveer Singh), हेड कॉन्सटेबल महेश पाल (Head Constable Mahesh Pal) निलंबित कर दिया।

साथ ही अब वादी, प्रतिवादी व प्रशासन सभी लोगों के नारको पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराए जाएंगे। मतलब साफ है कि कहीं न कहीं प्रदेश सरकार भी पुलिस के रवैये से नाराज़ है, लेकिन इन सब के बीच एक अहम सवाल ये कि क्या इस पूरे मामले में डीएम को बचाने की कोशिश की जा रही है? इतना ही नहीं घटना के सामने आने और पीड़िता की मौत के बाद उसे जला दिए जाने के बाद से ही पुलिस ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर रखा है। पीड़िता के परिवार से मीडिया को मिलने नहीं दिया जा रहा। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है और किसका आदेश है, जिसके कारण परिवार को कैद कर रखा गया है? परिवार लगातार किसी ना किसी तरह से मीडिया से संपर्क करने मे लगा हुआ है लेकिन उन्हे घर के बाहर जाने से रोक जा रहा है फोन बंद किया गया है और परिवार का आरोप है कि उनके फोन तक टेप किए जा रहे है। इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि राज्य सरकार को छोड़ सभी राजनीतिक पार्टिया अब मामले मे कूद पड़ी है जिसके चलते अब इस मामले कब क्या कहा हो रहा है सभी कि नजर टिकी हुई

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