UP पंचायत चुनाव की आड़ में सत्ता के 'सेमीफाइनल' की हो रही है तैयारी?

Update: 2020-12-30 05:00 GMT

फाइल photo

लखनऊ/मुंबई। UP में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीखों की अभी भले ही घोषणा नहीं हुई है, पर इसको लेकर सत्तापक्ष के साथ विपक्ष ने भी अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। साल 2022 विधानसभा चुनाव के पहले होने वाले इस चुनाव को 'सेमीफाइनल' के तौर पर देखा जा रहा है। इसीलिए सभी विपक्षी पार्टियां इसमें अपनी ताकत दिखाने के लिए मजबूती से लग गई हैं। सभी दल अपने-अपने ढंग से चुनाव की तैयारियों में लगे है। सभी ने अभी से पंचायत सदस्यों के चुनाव पर ही फोकस किया हुआ है, क्योंकि ज्यादा निचले स्तर पर ज्यादा दखल देने से गुटबाजी के कयास लगाए जा रहे हैं.

सपा किसान मुद्दे पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के जरिए गांव-गांव में चौपाल लगाकर अपनी पैठ बनाने में जुटी हुई है. पिछले पंचायत चुनाव में सपा का अधिकतर सीटों पर कब्जा था. पार्टी का फोकस जिला पंचायत पर ज्यादा रहेगा. संगठन व जनप्रतिनिधियों के साथ ताल-मेल बिठाकर तैयारी की जा रही है. सपा किसी भी कीमत में इसमें अधिकतम सीटों पर जीत हासिल करने के फिराक में है. बहुजन समाज पार्टी ने भी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी शुरू की है. उसने जिलाध्याक्षों और मंडल प्रभारियों से चुनाव लड़ने वाले आवेदकों की फाइनल सूची बनाने को कहा गया है. साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रत्याशी चयन के लिए सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला लगाने की बात कही जा रही है.

कांग्रेस भी अपना खोया हुआ जनाधार फिर से पाने की जद्दोजहद में शिद्दत से लगी हुई है. कांग्रेस ने पंचायत चुनाव को देखते हुए जिलों में बैठकों का सिलसिला शुरू किया है. कांग्रेस पंचायत चुनाव की तैयारी कर रही है. इसके लिए प्रभारी बनाए गए हैं. वोटर लिस्टों का निरीक्षण करने के लिए जिलाध्यक्षों को लगाया गया है. गड़बड़ियों को ठीक कराया जा रहा है। वहीं भाजपा अन्य दल पहले से ही पंचायत चुनाव को लेकर कमर कस ली है। मुंबई में बड़ी संख्या में यूपी के लोग रहते हैं। मुंबई में बसे कई नेता गांव में सरपंच या विधायक बने हैं। वह भी सरपंच चुनाव की तिथि घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही तारीख घोषित होगी चुनाव लड़ने वालों का मुंबई से यूपी पलायन शुरू हो जाएगा।

यूपी में एक साथ होने हैं त्रस्तरीय पंचायत चुनाव

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य. क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे. अभी तक की तैयारियां मार्च 2021 में चुनाव कराने की हैं. आरक्षण का फार्मूला जल्द तय हो जाएगा. वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी.प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का कार्यकाल क्रमश: 25 दिसंबर, 14 जनवरी और 18 मार्च को समाप्त हो रहा है. 25 दिसंबर को आधी रात से ग्राम पंचायतें भंग हो चुकी हैं. कोविड-19 के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं.

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