आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेताओं में से एक कोनिजेती रोसैया का हुआ निधन, जानिए रोसैया के जीवन से जुडी बातें

Update: 2021-12-04 07:31 GMT

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं में से एक कोनिजेती रोसैया को आज यानी 4 दिसंबर 2021 को एक गंभीर बीमारी के चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया और भर्ती कराया गया था लेकिन 4 दिसंबर की सुबह करीब 8.20 उनका निधन हो गया। बता दे कि उनका अंतिम संस्कार 5 दिसंबर को हैदराबाद में किए जाने की संभावना है। 88 वर्षीय रोसैया, कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक थे और उन्होंने अपने जीवनकाल में जवाहरलाल नेहरू सहित भारत के अधिकांश प्रधानमंत्रियों के साथ बातचीत की और उनके साथ मिलकर काम किया।

कोनिजेती रोसैया के बारें में...

कोनिजेती रोसैया का जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के वेमुरु, तेनाली मंडल में एक तेलुगु-भाषी, मिडल क्लास हिंदू गवरा कोमाती वैश्य फैमिली में हुआ था। वही उनकी पढाई को बात करे तो रोसैया गुंटूर हिंदू कॉलेज, आंध्र विश्वविद्यालय से वाणिज्य में ग्रेजुएशन किया था। रोसैया गुंटूर में पढ़ रहे थे, तब उन्हें छात्र नेता के रूप में चुना गया और इस तरह उन्होंने राजनीति में एंट्री मारी। रोसैया ने जिला परिषद हाई स्कूल में पढ़ाई की।

रोसैया की शादी 4 जून 1950 को पत्नि शिवलक्ष्मी से हुआ था। रोसैया के 3 बेटे और 1 बेटी हैं। बेटे केएस, सुब्बा राव और केएसएन मूर्ति हैं और बेटी पी रमा देवी हैं।

रोसैया का राजनीती सफर...

रोसैया 968, 1974, 1980 और 2009 में एमएलसी और 1989 और 2004 में चिराला विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। रोसैया 1998 में, नरसरावपेट से सांसद चुने गए। साल 2011 में रोसैया को तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई गई थी। अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान रोसैया ने जवाहरलाल नेहरू सहित भारत के अधिकांश प्रधानमंत्रियों के साथ बातचीत की और उनके साथ मिलकर काम किया। इसके अलावा रोसैया ने 2009 से 2010 तक आंध्र प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ( INC ) के एमएलसी, विधायक और सांसद थे और अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई मंत्री पदों को संभाला था। आंध्र प्रदेश राज्य के सबसे अनुभवी राजनीतिक नेताओं में से एक थे और वित्त मंत्री के रूप में उनकी भूमिका बहुत प्रसिद्ध थी।

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