मुंबा देवी मुंबई की 'ग्रामदेवी' हैं

Update: 2020-10-24 08:08 GMT

दुर्गाष्टमी के मौके पर मुंबई के प्रसिद्ध मुंबा देवी मंदिर में हर साल भव्य उत्सव आयोजित होता रहा है, लेकिन कोरोना लॉकडाउन ने इस बार स्थिति बदल दी है। मुंबा देवी मुंबई की 'ग्रामदेवी' है इसलिए मुंबई निवासी हर शुभ कार्य में सबसे पहले उन्हें ही याद करते हैं। मुंबई को ये नाम देवी 'मुंबा' के नाम पर ही मिला है। पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक मुंबा देवी को लक्ष्मी का रूप भी माना जाता है। मुंबादेवी का वाहन हर रोज बदला जाता है। सोमवार को नंदी, मंगलवार हाथी, बुधवार मुर्गा, गुरूवार गरुड़, शुक्रवार हंस, शनिवार हाथी, रविवार सिंह आदि वाहनों पर मुंबा देवी विराजमान होती है। सभी वाहन चांदी में बनाए गए हैं।

यह मंदिर अपने मूल रूप में उस जगह बना था, जहां आज विक्टोरिया टर्मिनस बिल्डिंग है। इसे 1737 में बनाया गया था। बाद में अंग्रेजों के शासन के दौरान मंदिर को मरीन लाइन्स-पूर्व क्षेत्र में बाजार के बीच में स्थापित किया गया। मुंबा देवी का मंदिर अत्यंत आकर्षक है। इसमें स्थापित माता की मूर्ति भी काफी भव्य है। यहां मुंबा देवी की नारंगी चेहरे वाली रजत मुकुट से सुशोभित मूर्ति स्थापित है। न्यास ने यहां अन्नपूर्णा और माता जगदंबा की मूर्तियां भी मुंबा देवी की अगल-बगल स्थापित करवाई थीं। मुंबा देवी मंदिर में हर दिन 6 बार आरती की जाती है। मान्यता के मुताबिक देवी लक्ष्मी, 'समुद्र' की बेटी है। यही वजह है कि समुद्र किनारे बसे शहरों में संपत्ति, धन, एश्वर्य और संपदा हमेशा से बनी रही है। धन को 'माया' भी कहा गया है, यहां भारत के सबसे ज्यादा दौलतमंद लोग रहते हैं, जबकि यह दुनिया का सातवां ऐसा शहर है, जहां सबसे रईस लोग रहते हैं। 

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