क्या दो मंत्री महाराष्ट्र के उद्योग को गुजरात भेजने के लिए वहां चर्चा करने गए थे : नाना पटोले

छह जिलों के पालक मंत्री सिर्फ एक, मंत्री हैं या 'स्पाइडरमैन? बाढ़ पीड़ितों के लिए अभी तक कोई सरकारी मदद नहीं; पंचनामा भी ठीक से नहीं हुआ​। ​'भारत जोड़ो' यात्रा को मिली प्रतिक्रिया से बीजेपी में हलचल, कांग्रेस के खिलाफ अफवाह फैलाने वाले की साजिश

Update: 2022-09-28 12:39 GMT

स्पेशल डेस्क, मैक्स महाराष्ट्र, मुंबई:​ ​शाहू, फुले, आंबेडकर की धरती से संबंध रखने वाले राज्य के मुख्यमंत्री खुलेआम कहते हैं कि वे मोदी-शाह के मुरीद बन गए हैं। वहीं महाराष्ट्र से उद्योग और निवेश को गुजरात भेजा जा रहा है। यह आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने लगाया है। उन्होंने पूछा है कि क्या महाराष्ट्र के दो मंत्री राज्य के उद्योग को गुजरात भेजने के लिए वहां चर्चा करने के लिए गए थे। ​नाना ​पटोले ने राज्य सरकार से इसका जवाब मांगा है।

इस संबंध में पत्रकारों से बात करते हुए नाना पटोले ने आगे कहा कि राज्य में शिंदे-फडणवीस सरकार दिल्ली के इशारे पर काम कर रही है। शिंदे-फडणवीस दिल्ली में बैठे आलाकमान से पूछे बिना कोई फैसला नहीं ले सकती है। पटोले ने कहा कि यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है कि उसे हर फैसला लेने के लिए दिल्ली पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हम शुरू से कहते रहे हैं कि राज्य में शिंदे-फडणवीस (ईडी) की सरकार असंवैधानिक है। पटोले ने कहा कि एक तरफ देश के लोग महंगाई से जूझ रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कह रही हैं कि राज्य सरकार को महंगाई कम करनी चाहिए। ऐसे में देखना होगा कि दिल्ली के इशारे पर काम कर रही शिंदे – फडणवीस सरकार राज्य में महंगाई को कम करने के लिए क्या कदम उठाती है ।

पटोले ने कहा कि शिंदे-फडणवीस सरकार ने तीन महीने बाद पालक मंत्रियों की नियुक्ति की घोषणा की है। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि छह जिलों के लिए सिर्फ एक पालक मंत्री को नियुक्त किया गया है। क्या ये पालक मंत्री स्पाइडरमैन हैं, जो एक साथ छह जिलों की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। क्या वे इन सभी जिलों के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त समय दे पाएंगे । राज्य सरकार के अंदर चल रहे विवाद का खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ेगा । पटोले ने कहा कि सरकार पहले ही स्वीकृत विकास कार्यों को स्थगित कर चुकी है। राज्य के कई जिलों में सड़कों का बुरा हाल है. सड़क पर गड्ढे हैं, या गड्ढों में सड़क हैं। इसका पता नहीं चल पा रहा है। पटोले ने कहा कि मैंने अमरावती, अकोला समेत राज्य के कई जिलों का खुद दौरा किया था। बारिश से किसानों को भारी नुकसान होने के बाद भी पंचनामा का काम अभी तक पूरा नहीं किया गया है। सोयाबीन, सब्जियां और बाग की फसलें बर्बाद हो गई है लेकिन सरकार की तरफ से किसानों को अभी तक मदद नहीं मिली है। इससे साफ़ पता चलता है कि राज्य की ईडी सरकार किसान विरोधी है।

भारत जोड़ो यात्रा में महाराष्ट्र से अधिक संख्या में होगी भागीदारी

नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो पदयात्रा को लोगों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस पदयात्रा में महाराष्ट्र के जिले से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे । वाम दलों, सामाजिक संगठनों ने भी इस मार्च को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। हम बीजेपी को छोड़ अन्य पार्टियों को भी इस पदयात्रा में बुलाने की कोशिश कर रहे हैं। पटोले ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है। इस यात्रा का उद्देश्य सभी जातियों और धर्मों के लोगों को एकजुट करके देश, लोकतंत्र और संविधान को बचाना है। भारत जोड़ो यात्रा से देश में माहौल बदल रहा है और सरसंघचालक मोहन भागवत भी मस्जिद जाकर इमामों से मुलाकात की है। बाबा रामदेव ने भी इस यात्रा का स्वागत करते हुए कहा है कि यह एक अच्छी पहल है।

​नाना ​पटोले ने कहा कि लोग राहुल गांधी की सादगी और विनम्रता को महसूस कर रहे हैं, इसलिए उनका समर्थन लगातार बढ़ रहा है। कई विकृत लोग पदयात्रा और कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इस मंसूबे में सफल नहीं होंगे। यात्रा को लेकर डरे हुए लोग जानबूझकर कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ नेताओं के बारे में अफवाहें फैला रहे हैं। पटोले ने विश्वास जताया है कि इस पदयात्रा को महाराष्ट्र में सबसे बड़ा बनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।

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