Asaduddin owaisi : औवेसी का फूटा गुस्सा, बिल को सदन में फाडा !

Update: 2025-04-03 13:14 GMT

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) बिल को लेकर भाजपा नीत केंद्रीय सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल के माध्यम से मुसलमानों के साथ अन्याय किया जाएगा और उनके धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन होगा। ओवैसी ने इस बिल का विरोध करते हुए उसकी प्रति को फाड़कर अपने विरोध का इजहार किया।

वक्फ बिल का विरोध करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल मुसलमानों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों को छीनने का प्रयास है। उनका कहना था कि इस संशोधन के जरिए वक्फ संपत्तियों का नियंत्रण केंद्रीय सरकार के हाथों में जाएगा, जिससे मुस्लिम समुदाय के धार्मिक संस्थानों पर केंद्रीय सरकार का अनावश्यक हस्तक्षेप होगा।

ओवैसी ने यह भी कहा कि यह बिल मुसलमानों के धार्मिक और सामाजिक मामलों में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से एक और कोशिश है, जिससे उनकी आवाज को दबाया जा सके। उनका मानना है कि इस बिल के जरिए वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन और नियंत्रण केंद्रीय सरकार के हाथों में जाएगा, जो मुसलमानों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

वक्फ संपत्तियां, जो मुस्लिम समुदाय के धार्मिक संस्थानों और ट्रस्टों की संपत्ति होती हैं, आमतौर पर समुदाय की धार्मिक, सामाजिक और शैक्षिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल होती हैं। ओवैसी का आरोप है कि इस बिल के माध्यम से इन संपत्तियों का उपयोग भाजपा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए करेगी, जिससे मुसलमानों के लिए यह बिल हानिकारक साबित हो सकता है।

असदुद्दीन ओवैसी ने इसके विरोध में वक्फ बिल की प्रति को फाड़कर और विरोध प्रदर्शन करके अपना विरोध व्यक्त किया। उन्होंने इसे संविधान और मुसलमानों के अधिकारों का उल्लंघन बताया और कहा कि इस संशोधन से मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बढ़ेगा।

यह विवाद इस बात को लेकर है कि क्या केंद्र सरकार को मुस्लिम समुदाय के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार है, या फिर इसे स्थानीय वक्फ बोर्ड और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों के तहत संचालित किया जाना चाहिए।

ओवैसी ने भाजपा और केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि इस बिल का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करना है। उन्होंने इस बिल को पूरी तरह से असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया।

वहीं, भाजपा सरकार ने इस बिल को एक सकारात्मक कदम बताया है, जिससे वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग और प्रबंधन सुनिश्चित होगा। भाजपा का कहना है कि इस संशोधन से वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग कम होगा और इसके जरिए मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा की जाएगी।

इस मुद्दे पर अभी तक दोनों पक्षों के बीच विवाद जारी है। हालांकि, ओवैसी का कहना है कि इस बिल के लागू होने से मुसलमानों को नुकसान होगा और यह उनके धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन करेगा।

असदुद्दीन ओवैसी के इस विरोध प्रदर्शन ने वक्फ बिल को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, और यह देखना होगा कि आगे चलकर यह विवाद किस दिशा में जाएगा।

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