Home > ट्रेंडिंग > 3700 किलो बारूद से महज 10 सेकंड में जमींदोज हुआ नोएडा का ट्विन टावर

3700 किलो बारूद से महज 10 सेकंड में जमींदोज हुआ नोएडा का ट्विन टावर

ब्रेकिंग: सुपरटेक ट्विन टावर मामले डिप्टी CM बृजेश पाठक ने अखिलेश पर साधा निशाना> ट्विन टावर सपा के भ्रष्टाचार और अराजकता की नीति का जीवित प्रमाण पाठक योगी जी के शासनकाल में सपा के कुकर्मों की प्रतीक यह अवैध इमारत जमींदोज हो रही ह। यह है न्याय, यही सुशासन डिप्टी CM ब्रजेश पाठक

X

नोएडा: शहर का ट्विन टावर आठ सेकंड में जमींदोज हो गया, कई मीटर तक धूल का गुबार फैला हुआ है। 32 मंजिला का ट्विन टावर इमारत ध्वस्त. विस्फोटक के जरिए गिराया गया 32 माले का इमारत.कई किलोमीटर तक धूल का गुबार नजर आया. इस दौरान आसपास कुछ नजर नहीं आ रहा था.10 किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई दी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेक्टर 93 मे 103 मीटर ऊंचाई की बिल्डिंग में हुई बड़ी कार्रवाई. धमाके के बाद ८ से 10 सेकंड में ट्विन टावर हुआ ध्वस्त...




ट्विन टावर ध्वस्तीकरण से पहले हुई विशेष पूजा एडिफिस कंपनी ने ट्विन टावर में की पूजा टावर के जमींदोज होने से पहले टावर की पूजा की गई ताकि अनहोनी न हो। एक्सप्रेस वे तक धुएं का गुबार पहुंच गया है। Noida का Twin Towers गये जमींदोज, हुआ इसके लिए 3700 किलो बारूद का इस्तेमाल करके धमाका किया गया...मुख्यमंत्री योगी ने ट्वीन टावर के ध्वस्तीकरण को लेकर बैठक कर अतिरिक्त मुख्य सचिव होम और पुलिस महानिदेशक को इस पूरी प्रक्रिया की क्लोजली मॉनिटरिंग के निर्देश दिए था। नोएडा के आला अधिकारियों से तैयारियों को लेकर बात हुई है, हर आपात स्थिति से निपटने के लिए हमारी तैयारी पूरी की गई, सीएम योगी के निर्देश पर पूरी प्रक्रिया पर नज़र बनाए हुए टावर को ध्वस्त किया गया।


नोएडा में स्थित ट्विन टावर आज दोपहर ठीक 2.30 बजे चंद सेकेंड में ही ढह गया। अनुमान है कि 13 साल में बनी यह इमारत करीब 9 से 10 सेकेंड में ढह गई। जैसे ही इमारत ढही, चारों ओर केवल मलबा और धुएं के गुबार दिखाई दे रहे थे। जब ट्विन टावर गिरे तो यहां मौजूद लोगों ने जोरदार धमाका सुना। लोगों ने भी महसूस किया कि धरती हिल रही है। देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे दोपहर 2.15 बजे से दोपहर 2.45 बजे तक ट्विन टावरों को गिराए जाने के कारण बंद रहा. मौके पर करीब 560 पुलिसकर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 जवान, 4 क्विक रिस्पांस टीम और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गईं। सुपरटेक के ट्विन टावरों के ढहने के बाद अगले तीन से चार दिनों तक धूल के गुबार लोगों को परेशान कर सकते हैं। इससे बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गों को मास्क पहनना जरूरी होगा।



नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावरों को 'वाटरफॉल इम्प्लोजन' तकनीक का उपयोग करके 15 सेकंड से भी कम समय में ध्वस्त कर दिया गया था। इसके लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था। विस्फोट स्थल के ऊपर एक समुद्री मील के भीतर हवाई क्षेत्र को भी कुछ समय के लिए उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया था। नोएडा में ट्विन टावरों को गिराने से पहले पंडित को बुलाकर हवन किया गया था. ट्विन टावरों को तोड़े जाने के ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए दूर-दूर से लोग अपने परिवार के साथ सेक्टर-93 में उमड़ पड़े। हालांकि आसपास की सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर जाम कर दिया गया।

वकील कमल राय का ट्विन टावर का ध्वस्तीकरण और इससे पहले टावर पक्ष के वकील दे रहे प्राकृतिक संसाधनों के बर्बाद होने की दुहाई। ट्विन टावर को ध्वस्त करने से नेचुरल रिसोर्सेस का होगा भारी नुकसान। भारी मात्रा में लोहे और सीमेंट मौरंग और बालू जो कि प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होते हैं वह बेवजह ही नष्ट कर दिए जाएंगे। अधिकारियों के भ्रष्टाचार की सजा प्राकृतिक संसाधनों को कैसे दी जा सकती है। यदि इनका सदुपयोग नहीं हुआ तो नदी का सीना चीर कर निकाली गई मौरंग - बालू और पहाड़ के पत्थरों को पीस कर बनाई गई सीमेंट और धरती का सीना चीर कर निकाला गया लोहा होगा पूरी तरह से बर्बाद होगा।


गौरतलब है कि इनमें से एक ट्विन टावर 103 मीटर ऊंचा था और दूसरा टावर 97 मीटर ऊंचा था। इन दोनों इमारतों को गिराने के लिए समाज में रहने वाले लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ी। पहले मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट, और सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। दोनों अदालतों ने टावर को गिराने का आदेश दिया। ध्वस्त किए गए ट्विन टावर्स से आज दो संदेश भेजे जाएंगे। एक तो यह कि कोई भी रिश्ता धोखे की बुनियाद पर टिक नहीं पाता और दूसरा संदेश यह है कि कानून सबके लिए है।

Updated : 2022-08-28T17:35:23+05:30
Next Story
Share it
Top