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हाथरस के बाद बलरामपुर में गैंगरेप, कांप गई रूह, दर्द से कराहती बोली बेटी, अब नहीं बचूंगी मां

हाथरस के बाद बलरामपुर में गैंगरेप, कांप गई रूह, दर्द से कराहती बोली बेटी, अब नहीं बचूंगी मां
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लखनऊ। यूपी के हाथरस में आधी रात को पीड़िता की चिता की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि एक और हैवानियत बलरामपुर में हुई। बलरामपुर गैंगरेप पीड़िता छात्रा की मौत आंत फटने से हुई है। दुष्कर्म की पुष्टि के बाद छात्रा का स्पर्म जांच के लिए भेजा गया है। घटना में अन्य लोगों के शामिल होने के आरोप की जांच पुलिस कर रही है। बुधवार देर रात परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में छात्रा की अंत्येष्ठि कर दी। मृतक युवती की मां का आरोप है कि उसकी बेटी को इंजेक्शन लगाकर हैवानियत की वारदात को अंजाम देने के बाद कमर और दोनों टांगों को तोड़कर रिक्शे पर बैठाकर घर भेज दिया गया जिसके बाद वो कुछ भी बोल नहीं पा रही थी। वह इतना कह पाई, 'बहुत दर्द है हो रहा अब मैं बचूंगी नहीं।' बलरामपुर एसपी देव रंजन वर्मा ने कहा है कि हाथ पैर और कमर तोड़ने वाली बात सही नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा का इस बारे में कहना है कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना की जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम शाहिद और साहिल है। दोनों गैंसड़ी के रहने वाले हैं। दोस्ती के बहाने दलित युवती से रेप का आरोप है। घटना बलरामपुर के गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र की है। युवती के परिजनों का आरोप है कि 22 साल की दलित छात्रा 29 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे बीकाम में एडमिशन कराने घर से निकली थी लेकिन घर नहीं लौटी। करीब 7 बजे शाम को पीड़ित युवती एक रिक्शे से बुरी तरह से घायल अवस्था में घर पहुंची। उसकी ये हालत देख घर वालों ने पूछताछ करने की कोशिश की तो वह दर्द से कराहने लगी।

गैंगरेप की शिकार पीड़ित छात्रा मेधावी थी

गांव के दो डॉक्टरों को दिखाने के बाद परिजन जिला मुख्यालय पर इलाज करवाने के लिए परिजन उसे लेकर रवाना हुए लेकिन कुछ दूरी पर ही छात्रा की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब युवती पचपेड़वा के विमला विक्रम महाविद्यालय में एडमिशन कराकर लौट रही थी तो गांव के ही 5 से 6 लड़कों ने उनका अपहरण कर लिया और गांव के ही एक घर में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। जिस रिक्शे पर युवती को घर पहुंचाया गया उसपर खून के धब्बे और रास्ते में उसकी जूती भी पाई गई है। जघन्य गैंगरेप की शिकार पीड़ित दलित छात्रा मेधावी थी। करीब दो साल वह एक संस्था के जरिए किसानों को आधुनिक खेती करने के लिए जागरूक करने का काम भी करती थी।

https://youtu.be/KoewlEgboGA

Updated : 1 Oct 2020 9:53 AM GMT
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