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अब राजा का बेटा राजा नही बनेगा, राजा वही बनेगा जो हकदार होगा-संदीप देशपांडे

MNS नेता संदीप देशपांडे ने बाला साहेब ठाकरे के साथ राज ठाकरे की तस्वीर साझा करते हुए, फिल्मी डायलॉग के माध्यम से उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए लिखा है कि अब राजा का बेटा, राजा नहीं बनेगा, राजा वही बनेगा जो हकदार होगा। जबकि कल राज ठाकरे ने कहा था कि शिंदे गट चाहे तो मनसे में उनका स्वागत है, शिंदे के गुट के विधायक मेरे पुराने साथी हैं, अघाड़ी सरकार का पतन उद्धव के कारण ही हुआ था।

अब राजा का बेटा राजा नही बनेगा, राजा वही बनेगा जो हकदार होगा-संदीप देशपांडे
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अब राजा का बेटा राजा नही बनेगा राजा वही बनेगा जो हकदार होगा

मुंबई: यदि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे समूह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में शामिल होना चाहता है, तो उनका स्वागत है। आखिर ये विधायक मेरे पुराने सहयोगी हैं, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के 40 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही उद्धव समूह से अलग हो चुके हैं और वे अपने ही समूह को असली शिवसेना कहते हैं। उन्होंने शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर भी दावा किया है और लोकसभा में भी एक अलग समूह के रूप में मान्यता प्राप्त की है।अब राजा का बेटा राजा नही बनेगा राजा वही बनेगा जो हकदार होगा इस तरह के संदीप देशपांडे के ट्वीट से साफ इशारा उद्धव ठाकरे पर जाता है। मनसे भी एकनाथ शिंदे को पूरा समर्थन करने के लिए तैयार है उध्दव को नहीं बल्कि अब पार्टी के असली हकदार के रूम में एकनाथ शिंदे को बता रही है?

हालांकि, एक मत के अनुसार उन्हें दल-बदल विरोधी अधिनियम के प्रावधानों से बचाने के लिए एक पार्टी में शामिल होना पड़ता है। इससे पहले बगावत के दौरान भी कयास लगाए जा रहे थे कि शिंदे गुट मनसे में शामिल हो सकता है। उस संदर्भ में राज ठाकरे का आवेदन महत्वपूर्ण है। यह बात राज ठाकरे ने एक मीडिया इंटरव्यू में कही। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि अघाड़ी सरकार के पतन के लिए देवेंद्र फडणवीस को श्रेय नहीं दिया जाना चाहिए और न ही इसके लिए संजय राउत को दोषी ठहराया जाना चाहिए। अगर कोई अघाड़ी सरकार के पतन के लिए जिम्मेदार है, तो वह खुद उद्धव ठाकरे हैं।

उन्होंने कहा कि उद्धव पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। भाजपा के साथ गठबंधन के समय, उन्होंने भाजपा के मुख्यमंत्री पद के लिए सहमति व्यक्त की। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। मैं पहले से ही जानता हूं कि उद्धव पर भरोसा नहीं करना चाहिए। यही कारण है कि मैंने पहले मनसे और शिवसेना के बीच गठबंधन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि नूपुर शर्मा को अपने बयानों के लिए माफी मांगने की जरूरत नहीं है। अगर ओवैसी माफी नहीं मांगते हैं तो नुपूर को ऐसा करने की जरूरत नहीं है।

Updated : 2022-07-25T11:15:20+05:30
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