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राफेल डील की जांच को लेकर फ्रांस का बड़ा एक्शन, जज की नियुक्ति कर भ्रष्टाचार के आरोपों के जांच की मांग की

राफेल डील की जांच को लेकर फ्रांस का बड़ा एक्शन, जज की नियुक्ति कर भ्रष्टाचार के आरोपों के जांच की मांग की
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मुंबई : राफेल डील की जांच के लिए फ्रांस ने बड़ा एक्शन लिया है। बड़ी कार्यवाही के तहत फ्रांस ने जज की नियुक्ति की है। फ्रांस की पब्लिक प्रॉसिक्यूशन सर्विसेज की फाइनेंशियल क्राइम ब्रांच यानि की (PNF) ने कहा है कि इस सौदे को लेकर लगाए गए भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप की जांच की जाएगी। राफेल सौदे को लेकर हुए विवाद ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है और फ्रांस की सरकार ने राफेल सौदे की जांच के लिए जज की नियुक्ति कर दी है। फ्रांस सरकार ने राफेल सौदे में कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए न्यायिक जांच कराने का फैसला लेते हुए एक जज के द्वारा जांच के आदेश दे दिए हैं।

फ्रांस में राफेल डील की जांच फ्रांसीसी ऑनलाइन जर्नल मेडियापार्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 36 फाइटर जेट्स के लिए भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल सौदे में संदिग्ध "भ्रष्टाचार और पक्षपात" की जांच के लिए एक फ्रांसीसी जज को नियुक्त किया गया है। फ्रांसीसी मीडिया वेबसाइट, जिसने इस कथित घोटाले का पर्दाफाश किया था, उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि औपचारिक तौर पर 14 जून से राफेल सौदे में भ्रष्टाचार को लेकर जांच शुरू कर दी गई थी, लेकिन फ्रांसीसी लोक अभियोजन सेवाओं की वित्तीय अपराध शाखा ने 2 जुलाई को इस जांच की पुष्टि की है। बता दें कि इसी साल अप्रैल महीने में इस फ्रांसीसी वेबसाइट ने राफेल सौदे को लेकर कई रिपोर्ट्स पब्लिश की थीं और इस डील में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

जांच का यह कदम ऐसे समय में लिया गया है जब फ्रेंच एनजीओ शेरपा (Shrepa) ने मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी और फ्रेंच पब्लिकेशन मीडियापार्ट ने इस मामले में कई रिपोर्टस प्रकाशित की थी। साल 2018 में भी शेरपा ने शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन तब पीएनएफ ने इसे खारिज कर दिया था। बता दें कि राफेल फाइटर जेट की डील 7.8 बिलियन यूरो की थी।

आपराधिक आरोपों में जांच कर फ्रांसीसी वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फ्रांस में राफेल सौदे को आपराधिक धाराओं के अंदर जांच किया जाएगा और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद, जिनके कार्यकाल में भारत का फ्रांस के साथ राफेल सौदा हुआ था, उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी। बता दें कि वर्तमान में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उस वक्त हालेंड के वित्त मंत्री की भूमिका में थे। वहीं, भारत में राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट तमाम याचिकाएं खारिज कर चुका है। हालांकि, विपक्ष अभी भी राफेल डील में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते रहा है। इससे पहले राहुल गांधी ने इस डील में एक लाख 30 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। हालांकि, तत्कालीन वित्त मंत्री अरूण जेटली ने देश की संसद में कहा था कि राफेल डील 58 हजार करोड़ रुपये की है, जिसमें फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदे जाने हैं।

बता दें कि भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 58 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल विमानों की डील की थी, जिसके तहत भारत को 30 लड़ाकू और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट दिए जाने की डील हुई थी। फ्रांस ने भारत को राफेल विमानों की डिलिवरी भी शुरू कर दी है और पिछले साल 29 जुलाई को ही फ्रांस से भारत को 5 राफेल विमान प्राप्त हुए थे। वहीं, नवंबर 2020 में भारत को फ्रांस से 3 और राफेल विमान मिले थे और 27 जनवरी 2021 को फ्रांस से 3 और राफेल विमान भारत आ गये थे। वहीं, पिछले महीने जून में भी भारत को फ्रांस से 3 और राफेल विमान दिए गए हैं। भारत को अब तक फ्रांस से कुल 14 राफेल विमान मिल चुके हैं।

Updated : 5 July 2021 5:26 AM GMT
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