एल्गार परीषद: रोना विल्सन को जमानत मिली
एल्गार परिषद और भीमा कोरेगांव मामले के 16 आरोपियों में से एक रोना विल्सन को उनके पिता के अंतिम संस्कार के लिए विशेष एनआईए अदालत ने आज जमानत दे दी है.
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एल्गार परिषद और भीमा कोरेगांव मामले के 16 आरोपियों में से एक रोना विल्सन को उनके पिता के अंतिम संस्कार के लिए विशेष एनआईए अदालत ने आज जमानत दे दी है.
कानून के तहत रोना विल्सन जुलाई 2018 से गिरफ्तार हैं. उनकी जमानत पहले भी कई बार खारिज हो चुकी है.
रोना विल्सन के पिता का 18 अगस्त को निधन हो गया था. रिवाज के अनुसार 30 दिनों के बाद अंतिम संस्कार किया जाता है. विल्सन ने इसी कार्यक्रम के लिए जमानत मांगी है, जो केरल के एक चर्च में हो रहा है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जमानत का विरोध करने पर रोना विल्सन का परिवार मौजूद है. इसलिए उन्हें जाने की जरूरत नहीं है. अंतिम संस्कार भी हो चुका है. उसने अदालत को बताया कि उसका इरादा बाहर जाकर सबूत नष्ट करने का है.
एनआईए ने कहा कि पुणे पुलिस और एनआईए की जांच के दौरान प्रतिबंधित CPI (मोओईस्ट) के साथ उसके संबंध है. रोना विल्सन ने अदालत को बताया था कि उसने एक आर्सेनिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपने कंप्यूटर में आपत्तिजनक दस्तावेज डालें गयें.