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मुसीबत के समय पत्रकारों का सहारा बनीं ईस्टर्न प्रेस एसोसिएशन

मुसीबत के समय पत्रकारों का सहारा बनीं ईस्टर्न प्रेस एसोसिएशन
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लाकडाउन में जरूरतमंद पत्रकारों की इपीए ने की आर्थिक मदद

तारिक खान
मुंबई। उपनगर छेत्र में रहकर अंशकालीन पत्रकार के तौर पर विभिन्न समाचार पत्रों व चैनलों में काम कर रहे सैकड़ो पत्रकारों के खाते में सीधा अनुदान ट्रांसफर करने का काम ईस्टर्न प्रेस एसोसिएशन (इपीए) के सौजन्य से शुरू किया गया है। जिसकी चर्चा मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र के पत्रकारों में शुरू हो गई है।गौरतलब है कि वर्ष 2005 में मुंबई के चेंबूर इलाके में पत्रकारों के लिए ईस्टर्न प्रेस एसोसिएशन (इपीए) नामक एक संस्था की शुरुआत की गई थी। जिसका रजिस्ट्रेशन 2013 में एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज चंदेलिया ने किया था। उसके बाद लगातार तीन बार इस संस्था के माध्यम से "वर्ल्डस एड्स डे" पर भव्य क्रिकेट स्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई के जाने माने पत्रकार, क्राइम ब्रांच, ट्रैफिक व रेलवे पुलिस, वकील व डॉक्टरों की टीमें हिस्सा लेती रही है। इस बार भी उच्च स्तर पर क्रिकेट स्पर्धा का आयोजन किया गया था। अफसोस कि 2020 में कोरोना जैसी घातक महामारी के चलते लॉक डाउन शुरू हुआ और यह स्पर्धा रदद की गई।दक्षिण मध्य मुंबई लोकसभा क्षेत्र चेंबूर से संचालित संस्था के माध्यम से लॉक डाउन के दौरान यह पहली ऐसी मुंबई की पत्रकारों की संस्था है, जिसने अपने सदस्यों के दुःख दर्द को समझा इस संस्था के माध्यम से राज्य के मंत्री एकनाथ शिंदे के सहयोग से कोविड 19 का चेकअप शिविर चेंबूर में रखा गया। जिसमें संस्था के लोगो के अलावा बाहरी पत्रकारों को भी मौका देकर संस्था ने मुफ्त कोविड 19 का चेकअप कराया। उसके बाद इस बीमारी से पीड़ित पत्रकारों को मुफ्त में इलाज करवाने का काम भी किया गया। उसके बाद लगातार तीन माह तक का भरपूर अनाज देकर ईपीए के अध्यक्ष मनोज चंदेलिया ने उन सभी पत्रकारों को राहत पहुंचाने का काम किया। इतना ही नही जो संस्था के सदस्य नही है उनको भी अनाज के किट देकर चंदेलिया ने राहत देने का काम किया।
सीधे बैंक में पैसे ट्रांसफर
जब भी इस संस्था के किसी भी सदस्य को मेडिकल ,सरकारी काम काज में जरूरत लगी खुले दिल से मदद की, अभी हाल ही में एक निर्णय लेकर संस्था के सदस्यों के बैंक के खाते में यथा संभव नकद राशि ट्रांसफर कर मनोज चंदेलिया ने पत्रकारों का दिल जीत लिया। जिसके चलते मुंबई महानगर के अधीन कार्यरत पत्रकारों व उनके लिए बनी अनेक संस्थाओं में आज इपीए की जोरदार चर्चा शुरू है। कई संस्था से जुड़े पत्रकार खुद ब खुद उस संस्था को छोड़ कर इपीए से जुड़ना शुरू हो गए है। इपीए के अध्यक्ष मनोज चंदेलिया ने बताया कि मेरा लक्ष्य है कि हमारे संस्था के सभी सदस्यों को खुद का सरकारी कोटे से मकान मिले, उन्हें मेडिकल सुविधा मिले, स्कूल कॉलेजों में हमारे पत्रकार भाइयो के बच्चो को अच्छी सुबिधा मिले ,उन्हें उनके बच्चों को प्रवेश के लिए दर दर की ठोकरें ना खानी पड़े जिसके लिए हम सरकार के संबंधित विभाग उसके मंत्रियों से संपर्क में है। जल्द ही यह सभी सुबिधाएं ईपीए के सदस्यों को दिलाने का काम शुरू किया जाएगा।

Updated : 17 July 2020 11:30 PM GMT
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