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बाबुल बन मुस्लिम मामा ने निभाया कन्यादान का फर्ज, हर आंख हुई नम

बाबुल बन मुस्लिम मामा ने निभाया कन्यादान का फर्ज, हर आंख हुई नम
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लोगों ने कहा-यही तो है हमारा असली भारत

अहमदनगर। आज हमारे देश में जाति-पाति के नाम पर कईयों की बेवजह जानें चली जाती हैं।
नफरत की दीवार बनाने वालों के लिए यह मिसाल एक सबक है। एक मुस्लिम मामा बाबा पठाण ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। इस मुस्लिम शख्स ने भाईचारे का संदेश देते हुए हिंदू बेटी की शादी में कन्यादान कर बाबुल का फर्ज निभाया। बाबा पठाण ने कहा कि ये बेटियां उसे अपना मामा मानती है। चूंकि इसकी मां मुझे भाई मानती है। कन्यादान कर गर्व महसूस कर रहे हैं। बेशक हमारा खून का रिश्ता तो नहीं परंतु इंसानियत धर्म सबसे ऊपर है और उन्होंने बेटी का कन्यादान कर यही फर्ज निभाया है।


मिली जानकारी के अनुसार अहमदनगर जिले के शेवगांव तालुका के बोधेगाव के पास मुंगी नामक इस छोटे से गांव में एक शादी में एक मुस्लीम मामा ने अपनी हिंदू बहन की बेटियों का कन्यादान किया। सविता भुसारी नामक महिला को दो बेटी और और एक लड़का है। पति के छोड़ देने के बाद महिला अपने मां-बाप के पास ही रहती है।

मायके में छोटा-मोटा काम कर इस किसान परिवार की महिला ने अपनी बेटियों को बड़ा किया। इन बेटियों की मां को भाई न होने के कारण उसने अपने पड़ोसी बाबा पठाण को भाई माना था। फिर क्या था बाबा पठाण ने भी जाति-पाति को छोड़ कर अपने कर्तव्य का बखूबी पालन बड़ी ही निष्ठा के साथ किया। उसने हिंदू बेटियों का मामा बन कर कन्यादान किया। इतना ही नहीं विवाह का आधा पैसा खर्च कर भी अपनी बहन की बेटी को विदा किया। लोगों ने कहा सही मायने में देखा जाए तो यहीं हमारी भारतीय संस्कृती की पहचान है।

Updated : 23 Aug 2020 2:30 PM GMT
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