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टूलकिट केस:22 वर्षीय दिशा रवि की गिरफ्तारी पर चौतरफा उठे सवाल

टूलकिट केस:22 वर्षीय दिशा रवि की गिरफ्तारी पर चौतरफा उठे सवाल
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नई दिल्ली। 22 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी की कई नेताओं ने निंदा करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की है. दिल्ली की एक अदालत ने 14 फरवरी को दिशा रवि को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया.दिशा रवि को तीन कृषि कानूनों से संबंधित किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े 'टूलकिट' को कथित रूप से संपादित कर उसे सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ की टीम ने 13 फरवरी को बेंगलुरु के सोलादेवनहल्ली इलाके में उसके घर से गिरफ्तार किया था.कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित राहुल गांधी, शशि थरूर और अरविंद केजरीवाल सहित किसान संगठनों ने भी दिशा की गिरफ्तारी का विरोध किया है.

किसानों की यूनियनों के निकाय संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने रविवार को दिल्ली पुलिस द्वारा 'टूलकिट' मामले की जांच में 22 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी की निंदा की और उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की. एसकेएम ने साथ ही हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल की तीन कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों की मौत को लेकर टिप्पणी की भी निंदा की और चेतावनी दी कि लोग उन्हें इस तरह के 'अहंकार' के लिए एक दिन सबक सिखाएंगे. रवि की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए एसकेएम ने कहा कि वह 'किसानों के समर्थन में खड़ी थीं.' एसकेएम ने बयान में कहा, 'हम उनकी तत्काल बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं.'

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने किसानों के विरोध प्रदर्शनों से संबंधित 'टूलकिट' को साझा करने में कथित भागीदारी के आरोप में बेंगलुरु की 21 वर्षीय कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. थरूर ने अपमानजनक जम्मू-कश्मीर डीएसपी दविंदर सिंह की एक तस्वीर साझा की, जो जमानत पर बाहर हैं.

क्या होता है टूलकिट?

"टूलकिट" किसी भी मुद्दे को समझाने के लिए बनाया गया एक गूगल डॉक्यूमेंट होता है. यह इस बात की जानकारी देता है कि किसी समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए? यानी इसमें एक्शन प्वाइंट्स दर्ज होते हैं. इसे ही टूलकिट कहते हैं. इसका इस्तेमाल सोशल मीडिया के संदर्भ में होता है, जिसमें सोशल मीडिया पर कैम्पेन स्ट्रेटजी के अलावा वास्तविक रूप में सामूहिक प्रदर्शन या आंदोलन करने से जुड़ी जानकारी दी जाती है. इसमें किसी भी मुद्दे पर दर्ज याचिकाओं, विरोध-प्रदर्शन और जनांदोलनों के बारे में जानकारी शामिल हो सकती है.

वर्तमान दौर में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जो भी आंदोलन हो रहे हैं, चाहे वो 'ब्लैक लाइव्स मैटर' हो, या अमेरिका का 'एंटी-लॉकडाउन प्रोटेस्ट' या फिर दुनियाभर में 'क्लाइमेट स्ट्राइक कैंपेन' हो, सभी मामलों में उन आंदोलनों से जुड़े लोग टूलकिट के जरिए ही 'एक्शन पॉइंट्स' तैयार करते हैं, और आंदोलनों को आगे बढ़ाते हैं।

Updated : 2021-02-15T15:21:10+05:30
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