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ठंडी के मौसम में अक्सर गला हो जाता है खराब,राहत देंगे ये आयुर्वेदिक नुस्खे

ठंडी के मौसम में अक्सर गला हो जाता है खराब,राहत देंगे ये आयुर्वेदिक नुस्खे
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ठंडी के मौसम में खट्टी और ठंडी चीजों का सेवन करने से व्यक्ति के गले में खराश या गला खराब हो सकता है। कोरोना महामारी के बीच, आजकल हर व्यक्ति गला खराब होते ही तुरंत उसे ठीक कर लेना चाहता है। अगर आप भी ऐसी ही किसी समस्या से परेशान हैं तो इससे बचने के लिए आपको बताते हैं कुछ असरदार आयुर्वेदिक नुस्खे जो आपके गले को ठीक करने में आपकी मदद कर सकते हैं। आयुर्वेद में गर्म पानी पीने के कई फायदे बताए गए हैं। गर्म पानी पीने से शरीर में वसा की मात्रा कंट्रोल होने के साथ पाचन क्रिया भी दुरूस्त बनी रहती है। गले में किसी भी तरह की कोई खराश महसूस करें तो रात को गर्म पानी में नमक मिलाकर उससे गरारा करें। गर्म पानी में 2 चम्मच सेब के सिरके को डालकर पीने से सिरके में मौजूद अम्लीय गुण गले में स्थित बैक्टिरीया को मार देते हैं।

गले की खराश दूर करने के लिए एक कप गर्म पानी में एक चम्मच नमक और एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर गरारा करें। तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए एक कप पानी में 4 से 5 काली मिर्च और तुलसी की 5 पत्तियों को उबालकर काढ़ा बना लें और इस काढ़े को पिएं। यह रात को सोते समय पीने से लाभ होगा। हल्दी को उसके औषधीय गुणों के लिए पहचाना जाता है। आयुर्वेद में हल्दी की मदद से कई बीमारियों का भी इलाज संभव है। हल्दी इंन्फलिमेशन कम करने से लेकर सूजन और आम सर्दी-जुकाम को भी ठीक करती है। तो अगली बार चाय की जगह किसी आयुर्वेदिक हल्दी टी का प्रयोग करें। आप घर पर भी हल्दी की चाय बना सकते हैं। इसके लिए एक पैन में एक कप पानी डालकर उसमें हल्दी, अदरक और लौंग डालकर 10 मिनट तक उबालें। आप चाहे तो इसमें दूध मिलाएं वरना इसका सेवन ब्लैक टी की तरह भी किया जा सकता है।

Updated : 2020-12-15T13:44:58+05:30
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