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आंदोलन कर रहे किसानों को भेजे गए 50 हजार से 50 लाख तक के नोटिस किसान और भी भड़के

आंदोलन कर रहे किसानों को भेजे गए 50 हजार से 50 लाख तक के नोटिस किसान और भी भड़के
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दिल्ली : कृषि कानून के खिलाफ किसानों के चल रहे प्रदर्शन को आज 23वां दिन हो चुका है. साथ ही किसानों और सरकार के बीच अब तक 5 से 6 स्तर की बात हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है. तो वहीं उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले में किसान आंदोलन में भाग लेने वाले किसानों को नोटिस भेजे जा रहा है. संभल के किसान नेता राजपाल यादव को भी पहले 50 लाख रुपये को नोटिस भेजा गया था. बाद में इसमें संशोधन करने दूसरा नोटिस भेजा गया.

इस नोटिस में कहा गया है कि 'किसान गांव-गांव जाकर किसानों को भड़का रहे हैं और अफ़वाह फ़ैला रहे हैं जिससे कानून व्यवस्था ख़राब हो सकती है.' बता दें कि इस नोटिस को संभल के उपजिला मजिस्ट्रेट (SDM) ने छह किसानों को दिया है. जिनमें भारतीय किसान यूनियन (असली) संभल के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के अलावा जयवीर सिंह, ब्रह्मचारी यादव, सतेंद्र यादव, रौदास और वीर सिंह शमिल हैं. किसानों को 50 हजार तक का मुचलका भरने के लिए नोटिस भेजे गए हैं. पहले इन किसानों को 50 लाख के नोटिस भेजे गए थे, लेकिन अब इस नोटिस को संशोधित कर दिया गया है.

नोटिस को लेकर किसान नेता ने कहा कि 'आपातकाल जैसी स्थिति पूरे देश में है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा. हमारी आवाज को दबाने की बात की जा रही है. सरकार को लगता है कि वे हम पर दबाव बना सकते हैं और इस तरह से घर में बैठा सकते हैं'. किसान नेता राजपाल यादव ने कहा, "जनता की बात करना या किसानों की बात करना कोई गुनाह नहीं है, हम कोई गुनाह नहीं कर रहे हैं, अपना हक मांग रहे हैं सरकार से. हम तो अपनी बात कहने जा रहे थे. इसमें शांति भंग कहां से हुई. हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं, हम ना जमानत कराएंगे और ना ही नोटिस का कोई जवाब देंगे. प्रशासन या सरकार जो चाहे हम चीज भुगतने के लिए तैयार हैं."

एसडीएम दीपेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा, 'हमें हयात नगर पुलिस थाने से रिपोर्ट मिली थी कि कुछ व्यक्ति किसानों को उकसा रहे हैं और इससे शांति भंग होने की आशंका है.' उन्होंने बताया कि थाना अध्यक्ष की रिपोर्ट में कहा गया था कि इन लोगों को 50-50 हजार रूपए के मुचलके से पाबंद किया गया.

गौरतलब है कि इन किसानों ने यह मुचकला भरने से इनकार कर दिया है. यादव ने कहा, 'हम ये मुचलके किसी भी हालत में नहीं भरेंगे, चाहे हमें जेल हो जाए, चाहे फांसी हो जाए. हमने कोई गुनाह नहीं किया है, हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं.'

Updated : 2020-12-18T16:45:56+05:30
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