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क्या इंफ्रारेड थर्मामीटर से माथे पर टेम्परेचर नापना दिमाग के लिए खतरनाक है?

क्या इंफ्रारेड थर्मामीटर से माथे पर टेम्परेचर नापना दिमाग के लिए खतरनाक है?
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मुंबई। सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ पोस्ट तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि किसी के शरीर के तापमान को नापने के लिए जो इंफ्रारेड थर्मामीटर्स का प्रयोग हो रहा है, जिसमें इंफ्रारेड गन को माथे के नजदीक ले जाकर तापमान नापते हैं उससे इंसानों के दिमाग पर खासकर पिट्यूटरी और पीनियल ग्लैंड पर बुरा असर पड़ रहा है।
ये है सच्चाई...
जिस इंफ्रारेड थर्मामीटर से हमारे माथे का तापमान नापा जाता है। उनसे कोई इंफ्रारेड किरण नहीं निकलती है, जी हाँ, इन थर्मामीटर्स से कोई इंफ्रारेड किरण नहीं निकलती है । बल्कि ये थर्मामीटर्स मानव शरीर से निकलने वाली इंफ्रारेड थर्मल रेडियेशन को डिटेक्ट करके शरीर का टेंपरेचर बताते हैं। इसलिए इन डिवाईसेस से हमारे शरीर के दिमाग को, पीनियल या पिट्यूटरी ग्लैंड्स को कोई खतरा नही है, बल्कि यह डिवाईस हमारे लिए कोरोना स्क्रीनिंग के संदर्भ में बहुत उपयोगी है । इस तरह की जो भी खबरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं वह गलत है इन खबरों पर कदापि भरोसा न करें । इस तरह की जानकारी Dr.Ashish Tiwari, Physician ACS Health, Mumbai ने दी है।

Updated : 1 Sep 2020 8:51 AM GMT
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