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धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले..बिहार की राजनीति में होगी उथल-पुथल

नीतीश कुमार के दांव से मची हलचल,उपेंद्र कुशवाहा बनेंगे बिहार में मंत्री!

धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले..बिहार की राजनीति में होगी उथल-पुथल
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बिहार के सियासी मैदान में खेल खूब चेंज हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा का जदयू में विलय होनेवाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपेन्द्र कुशवाहा की मुलाकात के बाद यह संभावना और बढ़ गयी है। जदयू के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह और खुद उपेन्द्र कुशवाहा ने भी जदयू में रालोसपा के शीघ्र विलय के संकेत दिए। अगर ऐसा होता है तो जदयू का लव-कुश समीकरण एक बार फिर से मजबूत होगा। विलय को लेकर पिछले एक महीने से उपेन्द्र कुशवाहा की जदयू के शीर्ष नेताओं संग बातचीत चल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी हुई दूसरी मुलाकात के बाद कुशवाहा से आगे की बातचीत के लिए जदयू की ओर से बशिष्ठ नारायण सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई थी।

नीतीश कुमार पहले भी उनके बड़े भाई थे और आज भी हैं

उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश जी और मैं कभी भी अलग-अलग नहीं थे। नीतीश कुमार से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं। यह संबंध आज का नहीं है। नीतीश कुमार पहले भी उनके बड़े भाई थे और आज भी हैं। हालांकि रालोसपा का कब जदयू में विलय होगा, इस सवाल को वे टाल गए। कहा-आगे क्या होगा, फिलहाल हम क्या बोलें? जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने नीतीश कुमार से उपेन्द्र कुशवाहा की मुलाकात को लेकर कहा कि यह स्वाभाविक मिलन है। उपेन्द्र कुशवाहा के जदयू में आने से लव-कुश ही नहीं सर्वसमाज में जदयू की ताकत बढ़ेगी। हमलोग लम्बे वक्त तक एक साथ रहे हैं। वे कभी भी हमसे दूर नहीं रहे । जदयू की ओर से विपक्ष के नेता रहे हैं। राजनीति में मतभेद होता है, व्यक्ति अलग-अलग जगह पकड़ लेता है मगर अपने घर में उसके लिए स्थान होता है। उपेन्द्र कुशवाहा के लिए भी स्वाभाविक होगा कि वे जदयू में आएं। यह बिहार की सियासत के लिए भी अच्छा होगा। रालोसपा का जदयू में मिलन कब होगा लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं?

Updated : 2021-02-01T15:48:57+05:30
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