Ambedkar VS Gandhi : जनता किसके साथ है ?
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अंबेडकर वस गांधी का मुद्दा भारतीय राजनीति, समाज और इतिहास में हमेशा चर्चा का विषय रहा है। ‘Max Maharashtra Hindi’ चैनल के रिपोर्टर ने इस विषय पर जनता से बातचीत की, जहां लोगों ने अपनी विविध राय साझा की। कुछ ने गांधीजी के योगदान को सराहा, तो कुछ ने बाबासाहेब अंबेडकर को अधिक प्रासंगिक बताया। वहीं, कुछ लोगों ने यह मांग भी उठाई कि भारतीय मुद्रा पर बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर होनी चाहिए।
अंबेडकर बनाम गांधी: दो विचारधाराओं की टकराहट
महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर, दोनों ही भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधारों में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व थे, लेकिन उनकी विचारधाराएं कई मुद्दों पर भिन्न थीं।
जातिवाद पर मतभेद:
गांधीजी का मानना था कि हरिजन (अछूत) समाज का ही हिस्सा हैं और उन्हें हिंदू धर्म के भीतर सुधार के जरिए समानता दी जानी चाहिए।
अंबेडकर का मानना था कि जातिवाद का उन्मूलन आवश्यक है, और इसके लिए समाज को नए सिरे से संगठित करना होगा।
पूना पैक्ट विवाद:
1932 में अंबेडकर ने अलग दलित निर्वाचन क्षेत्र की मांग की थी, लेकिन गांधीजी ने इसका विरोध किया और अनशन पर बैठ गए।
अंबेडकर को अंततः पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर करने पड़े, जिससे दलितों को आरक्षण तो मिला, लेकिन अलग प्रतिनिधित्व नहीं।
हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म:
गांधीजी ने हिंदू धर्म में सुधारों की वकालत की।
अंबेडकर ने हिंदू धर्म को पूरी तरह त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाया और लाखों अनुयायियों को भी धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया।
जनता की राय: क्या अंबेडकर की तस्वीर मुद्रा पर होनी चाहिए?
‘Max Maharashtra Hindi’ के रिपोर्टर ने जब लोगों से सवाल किया कि क्या गांधीजी की जगह बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर भारतीय मुद्रा पर होनी चाहिए? तो जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं:
✔️ कुछ लोगों का कहना था कि – अंबेडकर ने भारत के संविधान का निर्माण किया, इसलिए रुपये पर उनकी तस्वीर होनी चाहिए।
✔️ कुछ लोगों का मत था कि – गांधीजी राष्ट्रपिता हैं, इसलिए उनकी छवि बनी रहनी चाहिए।
✔️ कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि गांधीजी और अंबेडकर दोनों की तस्वीर होनी चाहिए।
✔️ कई दलित संगठनों ने भी यह मांग उठाई कि बाबासाहेब को भारतीय मुद्रा पर स्थान दिया जाए, जिससे उनके योगदान को उचित सम्मान मिले।
क्या यह बदलाव संभव है?
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय मुद्रा पर किसी अन्य महापुरुष की तस्वीर छापने की मांग उठी हो। इससे पहले भी भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, और अब्दुल कलाम की तस्वीरों की मांग की गई थी।
लेकिन, क्या सरकार इस पर विचार करेगी?
➡️ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार ही इस फैसले को लागू कर सकते हैं।
➡️ अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस पर बहस जारी है।
निष्कर्ष: एक ऐतिहासिक बहस जारी
अंबेडकर और गांधी दोनों ही भारत के महान नेता थे, लेकिन उनके विचार अलग-अलग थे। आज भी जनता इस बहस को लेकर बंटी हुई है।
➡️ क्या गांधीजी की जगह अंबेडकर की तस्वीर भारतीय मुद्रा पर होनी चाहिए?
➡️ या फिर दोनों महापुरुषों को समान रूप से सम्मान दिया जाना चाहिए?
आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में जरूर बताएं!
पूरी रिपोर्ट देखें ‘Max Maharashtra Hindi’ यूट्यूब चैनल पर।