South Film Industry का सच !

Update: 2025-01-31 11:22 GMT

हाल ही में दंगल फेम अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने एक इंटरव्यू में साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े डार्क साइड का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वहां अभिनेत्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें कास्टिंग काउच जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। उनके इस बयान के बाद इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है। इस इंटरव्यू में उन्होंने महिलाओं के शोषण, अनुचित मांगों और इंडस्ट्री के असली चेहरे को लेकर खुलकर बात की। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए आप मैक्स महाराष्ट्र हिंदी यूट्यूब चैनल पर पूरा वीडियो देख सकते हैं।

फातिमा सना शेख का बड़ा खुलासा

फातिमा सना शेख ने इंटरव्यू में कहा कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कई अभिनेत्रियों को संघर्ष के दौरान बेहद मुश्किल हालातों से गुजरना पड़ता है। खासतौर पर नई अभिनेत्रियों को बड़े रोल पाने के लिए कई तरह की समझौतों के लिए मजबूर किया जाता है।

उन्होंने कहा –

"हर जगह टैलेंट से ज्यादा किसी और चीज को महत्व दिया जाता है। कई बार अभिनेत्रियों को कास्टिंग काउच जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, और अगर वे इन चीजों के खिलाफ आवाज उठाती हैं, तो उन्हें काम मिलना मुश्किल हो जाता है।"

क्या है कास्टिंग काउच?

कास्टिंग काउच एक ऐसी कड़वी सच्चाई है, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े प्रभावशाली लोग अभिनेत्रियों और नए कलाकारों को काम देने के बदले अनुचित मांगें रखते हैं। यह सिर्फ साउथ इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि बॉलीवुड और अन्य मनोरंजन उद्योगों में भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।

इंडस्ट्री में लड़कियों के लिए चुनौती भरा माहौल

फातिमा सना शेख के मुताबिक, साउथ इंडस्ट्री में कई बार महिलाओं को सिर्फ ग्लैमर ऑब्जेक्ट की तरह देखा जाता है।

अभिनेत्रियों पर अनावश्यक दबाव – उन्हें अक्सर फिजिकल अपीयरेंस को लेकर कई तरह की शर्तें दी जाती हैं।

बोल्ड सीन देने का दबाव – अगर वे बोल्ड सीन करने से मना करती हैं, तो उन्हें रोल से बाहर कर दिया जाता है।

बॉडी शेमिंग और स्किन टोन पर टिप्पणियां – इंडस्ट्री में गोरेपन को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है, और डस्की स्किन वाली अभिनेत्रियों को बार-बार रिजेक्शन झेलना पड़ता है।

डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स की अनुचित डिमांड्स – कई बार अभिनेत्रियों को रोल के बदले डिनर और पर्सनल मीटिंग्स के लिए मजबूर किया जाता है।

बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री में कितना अंतर?

बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री दोनों में प्रतिस्पर्धा और दबाव काफी ज्यादा है, लेकिन साउथ इंडस्ट्री में आउटसाइडर्स के लिए मौके कम होते हैं। वहां पर स्टार किड्स और स्थापित अभिनेताओं को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है, जिससे नए लोगों के लिए रास्ते और मुश्किल हो जाते हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे खुलासे

फातिमा सना शेख से पहले भी कई अभिनेत्रियां साउथ इंडस्ट्री की डार्क साइड को लेकर अपनी बात रख चुकी हैं।

श्रुति हासन ने बताया था कि कैसे उन्हें कई बार असहज स्थितियों का सामना करना पड़ा।

कहानी 2 फेम विद्या बालन ने भी कहा था कि साउथ इंडस्ट्री में महिलाओं को सिर्फ ग्लैमर शोपीस माना जाता है।

रकुल प्रीत सिंह ने भी इंडस्ट्री में फेवरेटिज्म और गुटबाजी को लेकर खुलकर बात की थी।

क्या इंडस्ट्री में बदलाव संभव है?

फातिमा सना शेख के इस बयान के बाद इंडस्ट्री में बहस छिड़ गई है कि क्या कास्टिंग काउच जैसी समस्याओं को रोका जा सकता है? हालांकि, अब इंडस्ट्री में जागरूकता बढ़ रही है और अभिनेत्रियां खुलकर अपने अनुभव साझा कर रही हैं।

✅ सोशल मीडिया पर आवाज उठाना – अब सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेत्रियां इन घटनाओं को दुनिया के सामने ला सकती हैं।

✅ सख्त कानूनों की जरूरत – सरकार और फिल्म संगठनों को इस मामले में सख्त नियम बनाने की जरूरत है।

✅ वर्कप्लेस सेफ्टी – फिल्म सेट्स और ऑडिशन के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

निष्कर्ष

फातिमा सना शेख का यह खुलासा साउथ इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। हालांकि, अब समय आ गया है कि इंडस्ट्री में काम करने वाले लोग इस समस्या को गंभीरता से लें और बदलाव लाने के लिए पहल करें।

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